मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के टाल इलाके का निरीक्षण करने और सभी जगहों के हालात पर विशेष नजर बनाए रखने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया है। इसी क्रम में उन्होंने कहा है कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का खुद जायजा लें। जहां भी सहायता की जरूरत हो वहां तत्काल उपलब्ध कराएं। सभी चीजों का सही से आकलन होने पर आपदा पीड़ितों को सहायता पहुंचाने में सहूलियत होती है। 

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को कृषि कार्य में काफी नुकसान हुआ है। इसका ठीक से आकलन करें, ताकि उन्हें सहायता पहुंचायी जा सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सात जिले पटना, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मधेपुरा, नालंदा और नवादा का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। 

सर्वेक्षण से लौटने के बाद उन्होंने एक अणे मार्ग में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबधित जिलों की समीक्षा बैठक की और कई निर्देश पदाधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जून में ज्यादा वर्षा हुई है, लेकिन जुलाई में अबतक ज्यादा बारिश नहीं हुई है। पिछले माह के वर्षा से कुछ जिलों में बाढ़ की भी स्थिति बनी। 

कुछ दिन पहले भी हमने कुछ जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया था। जिलों में बारिश की स्थिति के साथ-साथ बाढ़ की संभावित स्थिति के अन्य कारकों पर भी पूरी नजर बनाये रखें और हर तरह से सतर्क रहें। आगे की परिस्थिति के लिये भी पूरी तैयारी रखें। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर को बाढ़ से सुरक्षा के लिये जरूरी उपाय करें। झारखंड एवं नेपाल में अधिक बारिश से कई जिलों में बाढ़ आती है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी इसे लेकर भी सतर्क रहें। 

राहत कैंप में कोरोना जांच व टीका अवश्य कराएं

मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लोगों की राहत के लिए हम सबको काम करना है। उन्हें हर प्रकार से मदद करनी है। बाढ़ को लेकर जो राहत कैंप बनाए गए हैं, वहां पर कोरोना जांच और टीकाकरण कार्य अवश्य कराएं। जो कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं उनके रहने एवं देखभाल की अलग से व्यवस्था कराएं। 

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर व नावकोठी, खगड़िया के खगड़िया, गोगरी, मधेपुरा के आलमनगर, भागलपुर के खरीक, रंगरा, पीरपैंती, गोपालपुर, सबौर, नालंदा के रहुई, गिरियक, बिहारशरीफ, नवादा के कौवाकोल, गोविंदपुर, नवादा तथा पटना जिले के सम्पतचक एवं दनियावां प्रखंड का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण से लौटने के बाद उन्होंने एक अणे मार्ग में वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबधित जिलों की समीक्षा बैठक कर ये निर्देश पदाधिकारियों को दिए।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह भी मौजूद थे। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान जिलावार प्रखंडों, नदियों की स्थिति की जानकारी दी। संबंधित जिलाधिकारी ने नावों की स्थिति, राशन एवं दवा की उपलब्धता, शरण स्थलों को चिहिन्त करना एवं तटबंधों की निगरानी आदि की जानकारी दी। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा राहत कार्य की जानकारी दी। बैठक में जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, चंचल कुमार आदि उपस्थित थे।

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