बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस सुष्मिता सेन (Sushmita Sen) दुनिया भर में लाखों लोगों की दिलों की धड़कन बनी हुई हैं.वह अपनी ग्लैमसर तस्वीरों और अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में बनी रहती हैं. इन्हीं सब के बीच सुष्मिता सेन ने अपने ‘मिस यूनिवर्स बनने से लेकर बॉलीवुड डेब्यू तक’ के बारे में खुलकर बात कीं और खुलासा कि उन्होंने अपने डेब्यू के पहले ही दिन बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) पर काफी भड़क गई थीं.

आपको बता दें कि हाल ही में सुष्मिता सेन ने एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना (Twinkle Khanna) के ‘ट्विक’ (Tweak) शो पर शिरकत की. शो में ट्विंकल खन्ना ने उनसे ‘मिस यूनिवर्स’ जीतने के बाद फिल्मों में आने के बारे में में पूछा.

महेश भट्ट ने किया फोन
ट्विंकल खन्ना के सवाल का जवाब देते हुए सुष्मिता ने कहा कि ला से लौटने पर उन्हें महेश भट्ट का फोन आया. इसके बाद दोनों मिले और उन्होंने मेरे पूछा कि मेरी अगले फिल्म में आप काम करना चाहेंगी? तब मैंने उनसे कहा कि मुझे एक्टिंग नहीं आती है और न ही मैंने कोई क्लासेज लीं हैं. इस पर महेश ने कहा कि मैंने ये नहीं कहा कि आप एक्ट्रेस हो. हालांकि उन्होंने मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ाया और मुझे भरोसा दिया और उसके बाद में फिल्म के मुहूर्त सेट पर पहुंच गई. जहां मुझे गुस्से का एक सीन देना था. जो मैं नहीं कर पा रही थी.

गुस्से में फेंक दिए अपने कानों के कुंडल
आगे सुष्मिता ने खुलासा किया और ये स्वीकार किया कि शूटिंग के समय उन्होंने बहुत ही खराब एक्टिंग की थीं. उन्होंने बताया कि उनकी शूटिंग देख महेश भट्ट ने सेट पर कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकती थीं और इससे वह वास्तव में नाराज हो गईं. गुस्से में सुष्मिता डायरेक्ट के पास गई और उससे कहा कि वह उससे ऐसा नहीं कह सकते. फिर उन्होंने गुस्से में आकर अपने कानों के कुंडल फेंक दिए, जिसकी वजह से मैं घायल भी हो गई और वह नाराज होकर सेट से चली गई. हालांकि महेश ने मेरा हाथ पकड़ के रोका और बताया कि वह उनकी की एक चाल थी ताकि मुझे गुस्सा आए. उसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे सीन में आपका यही गुस्सा चाहिए.

मिस यूनिवर्स बनने पर कैसा लगा?
इस बाद सुष्मिता ने ग्लैमर की दुनिया में अपने सफर के बारे में भी बात की. जब ट्विंकल खन्ना ने उनसे पूछा कि मिस यूनिवर्स जीतने पर उन्हें कैसा लगा, तो उन्होंने कहा, “यह एक बड़ा शॉकिंग था क्योंकि मिस यूनिवर्स जीतना मेरे देश के लिए इतिहास बनाने जैसा था. जब मैं भारत से निकली, तो मेरे दिमाग में यह एक बात थी, ‘ज्यादा उम्मीद मत करो’. वह जीत पूरी तरह से एक अलग जीत थी.”

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