बिहार के सभी मोबाइल टावरों को स्थानीय निकायों से जल्द ही अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले मोबाइल टावरों को बंद किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की समय-सीमा खत्म हो गई थी, जिसे अब 19 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। नियत समय के भीतर आवेदन जमा होने के बाद, उसके निपटान होने तक मोबाइल टावर का संचालन बंद नहीं किया जाएगा। सरकार ने मोबाइल टावरों से कर वसूली के लिए प्रावधान किया है।

छह माह के अंदर अनुमति अनिवार्य

नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पिछले साल अगस्त में बिहार मोबाइल टावर आप्टिकल फाइबर केबल नियमावली लागू की गई थी। इसके तहत छह माह के भीतर मोबाइल टावर व आप्टिकल फाइबर के लिए आवेदन करना जरूरी था। आवेदन की समय सीमा पहले 19 फरवरी तक थी, मगर कोरोना संक्रमण के कारण आवेदन की तिथि का अवधि विस्तार कर दिया गया। इसके बाद इसे बढ़ाकर 19 अगस्त किया गया था अब फिर से इसे बढ़ाकर 19 नवंबर तक कर दिया गया है।

  • अवैध मोबाइल टावरों को जल्द लेनी होगी अनुमति, नहीं तो होंगे बंद
  • अनुमति प्राप्‍त करने के लिए 19 नवंबर तक करना होगा आवेदन
  • नगर नगर विकास एवं आवास विभाग ने बढ़ाई समय-सीमा

आनलाइन करना होता है आवेदन

मोबाइल टावर और आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति के लिए विभाग के द्वारा आनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। आवेदन के बाद संबंधित निकाय द्वारा इस पर विचार करके स्वीकृति दी जाती है। अभी तक प्रदेश में मोबाइल टावर लगाने के 43 सौ से अधिक आवेदन आए हैं। सबसे अधिक 326 पटना से जबकि सबसे कम 30 आवेदन शिवहर से है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद नगर निगम में 20 हजार, नगर परिषद में 18 हजार और नगर पंचायत में 16 हजार जमा करने के साथ प्रति वर्ग फीट शुल्क देना होता है। विभाग ने स्थानीय निकायों को लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निबटारा करने को कहा है।

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