वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के अधिकांश नकारात्मक प्रभावों के बीच मानसून के दौरान अधिक वर्षा एक सकारात्मक संदेश दे रहा है। हालांकि अधिक बारिश से भी फसलों व सब्जियों को खासा नुकसान पहुंचा है। बताया जाता है कि कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन से साफ हुए वातावरण ने बेहतर बारिश का माहौल बनाकर रखा है। इसके कारण इस वर्ष 13 जून से शुरू हुए मानसून में शुक्रवार तक 1031.6 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जो बीते 14 वर्षों में नहीं हुई। बीते वर्ष भी लॉकडाउन के कारण इस समय तक 1023.4 एमएम बारिश हुई थी।

वहीं 2007 से अब तक मानसून के दौरान 76 दिनों इस वर्ष सबसे अधिक 53 दिनों तक बारिश होने का रिकॉर्ड देखा गया है। इसे पूर्व 2006 में 13 जून से 27 अगस्त के बीच सर्वाधिक वर्षा 69 दिनों तक हुई थी। बताया जाता है कि सितंबर तक मानसून की बारिश होगी। इस बार 1400 एमएम से ज्यादा बारिश की उम्मीद है जो 2007 के मानसून काल में हुए 1325.3 एमएम के रिकॉर्ड को पार कर सकती है। अब तक बारिश से जिला में 7329 एकड़ में लगी सब्जी बर्बाद होने का अनुमान है।

24 घंटे में अधिकांश जिलों में भारी बारिश की है संभावना
मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को 28 अगस्त से 1 सितम्बर तक का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके अनुसार इस अवधि में मध्यम से घने बादल छाए रहेंगे। वहीं मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज आदि जिले में 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना है। उसके बाद कम वर्षा होगी। 29 अगस्त से वर्षा की सक्रियता में कमी आएगी।

समस्तीपुर, वैशाली व बेगुसराय में चलेगी पछिया हवा
बताया गया कि पूर्वानुमानित अवधि में समस्तीपुर, वैशाली व बेगुसराय में पछिया हवा चलेगी। इसकी रफ्तार 12-20 किमी रहेगी। अन्य जिलों में पूरबा हवा चलेगी। इस अवधि में अधिकतम तापमान 30-34 डिग्री व न्यूनतम 23-25 रहने का अनुमान है।

14399 एकड़ में होती है गरमा सब्जी की खेती
जिले में केवल गरमा सब्जी 14399.62 एकड़ में की जाती है। इसमें मुख्य रूप से 3068.36 एकड़ में कद्दू, 4513.90 एकड़ में भिंडी, 2246.89 एकड़ सिंचित व 2221.76 एकड़ असिंचित में परवल, 649.51 एकड़ में साग लगी है। डीएओ विकास कुमार ने बताया कि बारिश से जिला में 49.1 फीसदी सब्जी की फसल बर्बाद हुई है।

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