Nawada News: जिला समाहरणालय के सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी उदिता सिंह ने तकनीकी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान गंगाजल उद्वह परियोजना (Ganga Udvah Project) की समीक्षा में पाया कि दो सप्ताह से कार्य अभियंता बबन सिंह द्वारा कार्य बंद किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बहाना नहीं चलेगा. लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करें. यह परियोजना सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट (Dreem Project of CM Nitish Kumar) है.

उन्होंने उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि सदर अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के साथ बैठक कर बुधवार से कार्य शुरू कराए. 15 जून से काम बंद रहने से यह प्रोजेक्ट पहले से ही काफी पीछे चला गया है. उन्होंने उप विकास आयुक्त मो. नैय्यर इकबाल को निर्देश दिया कि अभियंता से स्पष्टीकरण पूछें और यह उनकी आखिरी चेतावनी है. पाइपलाइन का भी कार्य लक्ष्य के अनुरूप नहीं किया गया है.

काम पर ग्रहण लगा तो कार्रवाई होना भी सुनिश्चित है

गौरतलब है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट का काम बंद होने के बाद से अधिकारी में खलबली मच गई है. सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट पर 15 जून से काम बंद रहने की बात सुनकर डीएम की नाराजगी दिखी है. उन्होंने साफ आदेश दिया है कि काम को जल्द चालू किया जाए, क्योंकि यह सीएम नीतीश कुमार का सबसे बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट है. इस परियोजना पर किसी भी प्रकार की अगर ग्रहण लगता है तो उक्त लोगों पर कार्रवाई भी होना सुनिश्चित है.

हाल ही में 190 किमी लंबे पाइपलाइन का हुआ था ट्रायल

बिहार के गया और नालंदा जिले के जल संकट के समाधान के लिए ‘गंगा उद्वह परियोजना’ के तहत 190 किमी पाइपलाइन के जरिए गंगा नदी का पानी मोकामा के हथिदह से नवादा तक पहुंचाने का ट्रायल हुआ था. इस योजना के तहत गंगा का जल गया तक लाया जाएगा. नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड स्थित मोतनाजे गांव में निर्माणाधीन गंगाजल उद्वह परियोजना का ट्रायल कराया गया था. ट्रायल पूरी तरह सफल रहा और पाइपलाइन के जरिए पटना जिले के हाथीदह से गंगा का पानी नालंदा होते हुए नवादा के मोतनाजे पहुंचा. ट्रायल सफल होने पर स्थानीय ग्रामीणों में खुशी अपनी खुशी व्यक्त की थी.

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